कहते है ना अगर सफलता आपके किस्मत में लिखी हो तो किसी ना किसी तरह पूरा हो ही जाती है, वही अगर आपके सपने में कुछ ऐसा आईडिया आ जाये जो आपको करोड़पति बना दे तो फिर क्या कहना.
अपना बिजनेस शुरू करना तो कई लोगो का सपना होता है। लेकिन यह शख्स जब नींद से जागा तो उसके सामने २ हज़ार करोड़ का बिजनेस आइडिया था। यह कोई सपना नहीं बल्कि हकीकत है। दरअसल अमेरिका के माइक लिंडेल को बिजनेस का आईडिया सपने में मिला और उन्होंने सपने से मिले आईडिया को हकीकत में बदला। आज उनका कारोबार २ हजार करोड़ रुपए (३० हजार डॉलर) का हो गया है।
सपने में मिला बिजनेस का आईडिया

माइक लिंडेल को अक्सर सोने में परेशानी होती थी, क्युकि वो अपने तकिये को पसंद नहीं करते थे। तकिया आरामदायक ना होने से उसकी नींद पूरी नहीं हो पाती थी। एक रात सोते वक़्त अचानक उसकी नींद टूटी और उन्होंने अपने घर के हर कोने में मायपिलो लिख दिया। यही से उनके बिजनेस की सुरुवात हुई। आज लिंडेल अमेरिका में पिलो किंग के नाम से जाने जाते है।

मैनेजर से झगड़े ने पैदा किया बिजनेसमैन का जज़्बा

लिंडेल ने मायपिलो की शुरुआत अपने होमटाउन चास्का से की। एक समय लिंडेल अपनी पढाई का खर्च पूरा करने के लिए दो-दो नौकरी करते थे। उन्हें लगा की वो पढाई में अपना समय बर्बाद कर रहे है। इसलिए उन्होंने कॉलेज की पढाई बीच में ही छोड़ दी और अपना पूरा समय नौकरी पर लगाया। लेकिन एक दिन उनका झगड़ा मैनेजर से हो गया और उसने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। यही से उनमे खुद का बिजनेस करने का जज़्बा मिला।

ड्रग्स की लत ने किया बर्बाद

नौकरी छूटने के बाद लिंडेल ने कई बिजनेस में हाथ आजमाया। उन्होंने कार्पेट क्लीनिंग का बिजनेस शुरू किया। इसके बाद उन्होंने सूअर पालन का काम शुरू किया। लेकिन मार्किट गिरने की वजह से उनका सबकुछ डूब गया। फिर लिंडेल से एक बार में बारटेंडर की नौकरी शुरू की और यहां उन्हें ड्रग्स की लत लग गयी। ड्रग्स की वजह से उनकी पत्नी से तलाक हो गया और अपना घर भी गवा बैठे। यही नहीं, उनका बिजनेस भी चौपट हो गया।

10 महीने बाद जगे लिंडेल

सबकुछ बर्बाद होने के बाद लिंडेल दस महीने बाद नींद से जागे और अपने बिजनेस को बढ़ने की शुरुआत की। 2011 में एक स्थानीय समाचार पत्र ने लिंडेल की कंपनी के बारे में छापा। उसके बाद लोकल स्तर पर उन्होंने तकिया बनाकर बेचना शुरू किया। लेकिन उसने उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। फिर उन्हें एक रिटेल स्टोर ने अपने यह तकिया बेचने का ऑफर दिया। पैसा नहीं होने की वजह से उसने कही से 97000 हजार (15000) डॉलर उधार लिया, और अपना स्टोर खोला।

6 साल में 2000 करोड़ का हुआ टर्नओवर

लिंडेल से 16 जनवरी 2009 को एक आखिरी पार्टी के बाद शराब, कोकीन को हमेशा के लिए छोड़ दिया। उसके बाद अपना फोकस बिजनेस पर बढ़ाया और पांच कर्मचारियों से शुरू हुई कंपनी में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 500 हो गयी। उनकी कंपनी मायपिलो सालाना तीन करोड़ तकिया बेच रही है और कंपनी रेवेन्यू 2000 हजार (30करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया।

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